रामप्रवेश गुप्ता

बीजपुर (सोनभद्र) जनपद सोनभद्र के बीजपुर क्षेत्र में संचालित एक शराब दुकान से जुड़े कथित अवैध कारोबार और आबकारी विभाग की कार्यशैली को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि बीजपुर बाजार स्थित एक कंपोजिट शराब दुकान से बड़े पैमाने पर शराब की खेप मध्य प्रदेश के बैढ़न समेत अन्य क्षेत्रों में भेजी जा रही है। मामले का खुलासा होने के बाद कार्रवाई की उम्मीद कर रहे लोगों को तब हैरानी हुई जब शिकायत पर सख्ती दिखाने के बजाय आबकारी विभाग पत्रकारों को ही नियम-कानून का पाठ पढ़ाने लगा।
बताया जा रहा है कि आबकारी निरीक्षक ने फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि “शराब का लाइसेंस सोनभद्र में कहीं का हो और बिक्री कहीं भी हो, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। सरकार के पास राजस्व जाना चाहिए, देश का विकास होगा और हम सब उसके हिस्सेदार होंगे।”
आबकारी निरीक्षक के इस कथित बयान के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों का कहना है कि यदि उत्तर प्रदेश की शराब खुलेआम दूसरे राज्यों में पहुंच रही है तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पड़ोसी राज्यों के राजस्व को भी नुकसान पहुंचाने जैसा है।
स्थानीय लोगों और पत्रकारों का आरोप है कि बीजपुर में हाल ही में शुरू हुई उक्त कंपोजिट शराब दुकान शुरू से ही विवादों में रही है। निर्धारित समय सीमा के बाद शराब बिक्री, ग्राहकों से अधिक कीमत वसूलना तथा नियमों को दरकिनार कर शराब की आपूर्ति करना यहां आम बात बन चुकी है। आरोप यह भी है कि यूपी की शराब धड़ल्ले से मध्य प्रदेश भेजी जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पर आंखें मूंदे बैठा है।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि शराब बिक्री के लिए सिर्फ लाइसेंस होना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसके संचालन से जुड़े कई नियम और मापदंड भी तय हैं। यदि इन नियमों की अनदेखी कर सिर्फ अधिक बिक्री और राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, तो यह कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी दोनों पर सवाल खड़े करेगा।
फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई करता है या फिर मामला केवल बयानबाजी तक सीमित रह जाता है।










