- राष्ट्रीय लोक अदालत और मध्यस्थता अभियान” हेतु जजों ने की फिर मंत्रणा *
-10,11 व 12 सितम्बर को आयोजित होगा विशेष लोक अदालत जिसमें तुच्छ प्रकीर्णन के वाद निस्तारित होंगे – शैलेंद्र यादव अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र
सोनभद्र (स्टेट मीडिया)। जनपद सोनभद्र में लागू राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान और 13 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर न्यायपालिका के कर्णधारों ने एक बार फिर से मीटिंग कर कार्य योजना तैयार की।
मंगलवार 19 अगस्त को अभियान की सफलता हेतु अध्यक्षता कर रहे अपर जनपद न्यायाधीश/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र, शैलेंद्र यादव ने कहा कि 10,11 व 12 सितम्बर 2025 को विशेष लोक अदालत आयोजित होगा
जिसमें तुच्छ प्रकीर्णन के वाद निस्तारित होंगे। न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने बताया कि
मध्यस्थता अभियान और राष्ट्रीय लोक अदालत में अपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, आर्बिट्रेशन एवं पेट्टी ऑफेंसेस के वाद, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वाद, श्रम एवं भूमि अधिग्रहण तथा विद्युत एवं जल बिल वाद हो या सर्विस में वेतन एवं भक्तों से संबंधित वाद, विशिष्ट व्ययादेश अनुतोष वाद से संबंधित मामलों के साथ सुलह योग्य प्री लिटिगेशन मामले को भी समझौते के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।
श्री यादव ने जजों और मजिस्ट्रेटों से आह्वान किया कि उपरोक्त सम्बन्धित वादों/मामले को अधिक से अधिक चिन्हित कर, पक्षकारों के मध्य सुलह वार्ता हेतु मध्यस्थता केन्द्र में संदर्भित करें तथा पक्षकारों को उचित परामर्श प्रदान करें।
इस अवसर पर आलोक यादव मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अमित कुमार (तृतीय) सिविल जज सीनियर डिवीजन, राहुल, सिविल जज सीनियर डिवीजन एफटीसी, यादवेंद्र सिंह सिविल जज जूनियर डिवीजन, श्रीमती इंदु वर्मा न्यायिक मजिस्ट्रेट, नित्यानंद त्यागी न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय घोरावल, शिवेश राज जायसवाल अपर सीनियर जज जूनियर डिवीजन (कोर्ट संख्या 3) मुरलीधर सिंह विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम
इत्यादि मौजूद रहे।
उक्त बैठक की जानकारी देते हुए शैलेंद्र यादव अपर जनपद न्यायाधीश, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं सर्वोच्च न्यायालय की मेडिएशन एवं कॉन्सिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश सोनभद्र/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार यह बैठक आयोजित की गई।











