- सोनभद्र जेल में 818 कैदियों में विचाराधीन 633, सिद्ध दोष 185 कैदी- न्याधीश शैलेंद्र *
-राष्ट्रीय लोक अदालत 13 सितंबर और मध्यस्थता अभियान 30 सितंबर चलने की दी जानकारी,
-कैदियों को किया विधिक जागरूक, सजा के विरुद्ध अपील करने में गैर सक्षम कैदी जेल अधीक्षक के माध्यम से अपीलीय न्यायालय में योजित कर सकते हैं।
कारागार का पाकशाला, पाठशाला, नवनिर्मित महिला- पुरुष बैरक, चिकित्सालय, साफ़-सफाई का भी निरीक्षण किया गया।
ओबरा (सोनभद्र) स्टेट मीडिया। जिला कारागार सोनभद्र में 818 निरुद्ध कैदियों में 633 विचाराधीन है और सिद्ध दोष 185 कैदी हैं। 18 अगस्त को जेल निरीक्षण के दौरान ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र सचिव अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने 13 सितंबर को देशभर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत और 30 सितंबर तक चलने वाले मध्यस्थता अभियान की कैदियों को जानकारी देने के अलावा उन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र द्वारा देय नि: शुल्क विधिक सहायता की पेशकश सहित उनके अधिकारों की जानकारी दी।
में सिद्ध दोष कैदियों से एक-एक कर सजा के विरुद्ध अपील के बावत् बातचीत किया गया, उन्हें बताया गया यदि वह किन्हीं कारणों से प्राइवेट अधिवक्ता के माध्यम से अपील करने में सक्षम ना हो तो जेल अधीक्षक के माध्यम से सजा के विरुद्ध न्यायलय में अपील योजित कर सकते हैं।
न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ
बंदियों की नियमानुसार सूचना संबंधित न्यायालय में देना सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान बैरकों में कैदियों से मुलाकात कर निशुल्क विधिक सहायता, सजा याफ़्ता बंदियों के अपील के प्रावधानों के संबंध में, नियमित पेशी, खान-पान एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के बावत उन्हें बताया गया।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक
अरुण कुमार मिश्रा एवं अरविंद कुमार सिंह जेलर तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
जेल में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों को सलाह दी गई कि किसी प्रकार के शोषण का मामला हो तो लीगल एड क्लीनिक में अपनी शिकायत कर सकते हैं।
न्यायाधीश श्री यादव ने बताया, कारागार में स्थित पाकशाला, पाठशाला, नवनिर्मित महिला- पुरुष बैरक, चिकित्सालय आदि का भी निरीक्षण किया गया। बैरक में साफ सफाई, मौसम की मार से बचाव के लिए किए गए इंतजाम को देखने के बाद बंदियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा गया। किसी भी बंदी द्वारा किसी विशेष प्रकार की समस्या से अवगत नहीं कराया गया।
निरीक्षण के दौरान समस्याएं कर्मियों के सुधार हेतु जिला कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया गया।
उक्त जानकारी देते हुए अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के आदेशानुसार यह निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।











