लोगों के यहां लगे स्मार्ट मीटर बिना किसी अतिरिक्त बोझ के हटाया जाए; आर के शर्मा

सोनभद्र। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा ) ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर संयोजन की अनिवार्यता को सरकार के द्वारा समाप्त करने के निर्णय को जनता की जीत बताया है और मांग किया कि उपभोक्ताओं के यहां लगे स्मार्ट मीटर बिना किसी अतिरिक्त बोझ के हटाया जाए।
यह बातें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उत्तर प्रदेश के राज्य कार्यकारिणी सदस्य व सोनभद्र के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि विगत दिवस उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा प्रीपेड मीटर कनेक्शन समाप्ति की घोषणा जनता की जीत है।
भाकपा नेता ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बिजली के निजीकरण के उद्देश्य से सरकारों के द्वारा कानून में परिवर्तन किया गया है और सरकार के द्वारा इस प्रकार के प्रयोजन किए जाते हैं जिससे जनता पर अनाप-शनाप आर्थिक बोझ पड़े और जनता उलझीं रहे।
लेकिन भाकपा व अन्य विभिन्न संगठनों के बैनर तले प्रदेश की जागरुक जनता द्वारा प्रीपेड स्मार्ट कनेक्शन का जबरदस्त विरोध किया जा रहा था जिसके चलते सरकार को अपना कदम पीछे खींचना पड़ा । पहले सरकार जन विरोधी नीतियां आनन फानन मैं लागूं करती है और जब जनता नाराज होती है और नीतियों का विरोध करती है तो फिर सरकार जनता के विरोध और इलेक्शन के डर से उन नीतियों को वापस करती है। सरकार इसका स्पष्टीकरण भी नहीं देती कि आखिर क्यों प्रीपेड कनेक्शन की अनिवार्यता घोषित कर दिया गया था।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मांग करती है कि लोगों के यहां लगाएं गएं स्मार्ट मीटर बिना किसी अतिरिक्त बोझ के हटाया जाए और पूर्व की तरह विभागीय मीटर रखा जाए। क्यों कि प्रदेश में अभी भी बहुत ऐसे क्षेत्र हैं जहां अभी तक डिजिटल नेटवर्क ही नहीं हैं । ऐसे में स्मार्ट मीटर का लगना कोई औचित्य नहीं है।
कामरेड आर के शर्मा ने कहा यहां स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि प्रदेश की जनता जब नाराज हुई तो सरकार को अपना कदम पीछे खींचना पड़ा । सरकार की मजबूरी चुनाव है ,क्योंकि आने वाले दिनों में प्रदेश में पंचायती चुनाव और 2027 में विधानसभा का चुनाव होना है ।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर जनता एकजूट रहे तो सरकार की जन विरोधी आर्थिक और सामाजिक राजनीतिक नीतियों को बदलवाया जा सकता है और सरकार को अपने कदम पीछे ले जाने के लिए मजबूर किया जा सकता है।









