उपेंद्र तिवारी

दुद्धी| उपजिलाधिकारी निखिल यादव संग ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्या ने सीएचसी के समीप चल रहे ड्रग सेंटर की जांच की इस दौरान आधे घंटे जांच में विभिन्न बिंदुओं पर जांच की और संचालक शमीम को कमियों को सुधारने के निर्देश दिए| जांच के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक समेत सह कर्मियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही | यहां से निकली टीम सोनू मेडिकल , ज्योति मेडिकल सहित सीएचसी परिसर के आस पास संचालित मेडिकल स्टोरों की विधिवत जांच की| उधर अधिकारियों के धमकने की खबर सुनते ही अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर के संचालक धड़ाधड़ शटर गिराकर भूमिगत हो गए|उपजिलाधिकारी ने बताया कि मेडिकल स्टोरों की जांच में कई खामियां पाई गई जिसे जल्द सुधारने के निर्देश दिए गए है वहीं कुछ खामियों पर संबंधित विभाग को कारवाई के लिए लिखा गया है |उन्होंने कहा कि जल्द ही कारवाई दिखेगा|
एक तरफ चल रही थी अधिकारियों की जांच और उसी दुकान पर सरकारी पर्चे में धड्डले से बेची जा रही थी दवाइयां
दुद्धी| उपजिलाधिकारी और ड्रग इंस्पेक्टर जब ड्रग सेंटर की जांच कर रहे थे और रेक पर लगी दवाइयों की जानकारी ले रहे थे ठीक उसी समय उसी ड्रग सेंटर पर कर्मी सरकारी पर्चे पर मरीजों को धड्डले से दवाइयां बेच रहे थे ,अधिकारियों की इसकी जानकारी नहीं लग सकी लेकिन सरकारी पर्चा पर बेची जा रही दवाइयां मीडिया की कैमरे में कैद हो गई| लोगों का कहना है कि अस्पताल के चिकित्सकों और संचालक का गठजोड़ का यह जीता जागता उदाहरण है जिसे अधिकारी नजरे फेर रहे है ,अस्पताल परिसर में चल रहे जन औषधि केंद्र पर लिखी जा रही दवाइयों की पर्ची पर ड्रग सेंटर पहुंच जा रही है ,लोगों ने बताया कि ड्रग सेंटर के संचालक शमीम ही सीएचसी परिसर स्थित जन औषधि केंद्र का संचालन करते है जहां लिखी जा रही दवाइयों को अपने लड़कों से गुमराह कर यहां मंगाकर महंगी दवाइयां गरीब आदिवासियों को बेचते है | लोगों का कहना है कि यह सब चिकित्सा अधीक्षक डॉ शाह आलम अंसारी के संरक्षण में हो रहा है जो इसके दूर के रिश्तेदार भी बताए जाते है |प्रबुद्ध जनों ने इस मामले डॉ अंसारी की जांच की भी मांग उठाई है |










