मिलिंद कुमार

घोरावल सोनभद्र। स्थानीय ग्रीनफील्ड पब्लिक स्कूल सिरसांई में चल रहे वेदगायन व सामान्य वेदज्ञान कार्यशाला के सप्तम दिवस के समापन पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि ख्यातिलब्ध विद्वान लालजी तिवारी और भारतीय इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य गणेशदेव पाण्डेय ने संयुक्त रूप से मां ज्ञानदायिनी के चित्र पर दीपप्रज्ज्वलन ,माल्यार्पण व पूजन अर्चन कर प्रारम्भ किया।अतिथियों का स्वागत कार्यशाला के जनपदीय समन्वयक दीनबन्धु त्रिपाठी ने वैदिक रीति से तिलक लगाकर,माल्यार्पण कर,बैज अलंकृत कर व अंगवस्त्रम प्रदान कर किया। समन्वयक ने बताया कि आज कार्यशाला का समापन है ,आज बच्चों ने जो सीखा है उसका प्रदर्शन अतिथियों के सामने होगा व बच्चों को प्रशस्ति पत्र वितरित किया जायेगा।मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि जितनी प्रशंसा करूं कम ही है।बच्चों के वेदमंत्रों के गायन से मैं अभिभूत हूं और संकल्प लेता हूं कि आज से मैं भी प्रतिदिन एक श्लोक पढूंगा।विशिष्ट अतिथि पाण्डेय जी ने कहा आत्मदीपो भव,वेद अन्दर के संस्कार जगा करके आत्मा को प्रकाशित करते हैं। तिवारी जी ने कहा कार्यशाला ने मंत्रों को ही नहीं सिखाया बल्कि यह सिखाया कि गायन कैसे होगा, क्योंकि वेद शब्दों के समुच्चय की ऊर्जा है,और यह ध्वनि उर्जा है,जब ध्वनि सही होगी तो समरसता आयेगी। बच्चों ने विगत सात दिनों में सीखे श्लोकों का गायन वेद के सामान्य ज्ञान से सबको अचंभित कर दिया।मुख्य प्रशिक्षक विनोद तिवारी ,सहायक प्रशिक्षक अशोक चौबे व आनन्द पाण्डेय ने कार्यशाला को ऊंचाई दी।इस अवसर पर अजय दुबे,राजेन्द्र मानव,संजय मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, शिवशंकर, अमित पाण्डेय सहित तमाम वेद प्रेमी उपस्थित रहे।बताते चलें कि संस्कृति विभाग उत्तरप्रदेश के तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान अयोध्या के निर्देशन में संस्कार भारती व एडूलीडर्स के सहयोग से रामायण अभिरूचि कार्यशाला के अन्तर्गत वेदगायन व सामान्य वेदज्ञान कार्यशाला चल रही है।कार्यशाला में कुल एक सौ पच्चीस बच्चे प्रतिभाग कर रहे थे।










