
मिर्जापुर में साहित्य और आध्यात्म का ऐतिहासिक संगम
(ओम प्रकाश त्रिपाठी हिंदी श्री सम्मान से सम्मानित)
सोनभद्र। 1 मार्च।
चेतना प्रवाह के बैनर तले बसंत बहार मैरेज लॉन में रविवार को साहित्यिक गरिमा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कृत, सेवा निवृत्त शिक्षक, कवि-साहित्यकार पंडित ओमप्रकाश त्रिपाठी की प्रेरणादायी कृति ‘ओम के विचार’ का विधिवत विमोचन सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मिर्जापुर के सुप्रसिद्ध कवि गणेश गंभीर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में विंध्याचलंडल के अपर आयुक्त विश्राम सिंह यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंचासीन विशिष्ट अतिथियों में कवि राजेंद्र त्रिपाठी, कवि राजेंद्र तिवारी (लल्लू तिवारी), वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर दुबे, संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं सोन साहित्य संगम, सोनभद्र के संयोजक कवि राकेश शरण मिश्र, कवि समाजसेवी त्रियोगी नारायण उर्फ मिट्टू मिश्र तथा समाजसेवी राजपति ओझा पूर्व अध्यक्ष संस्कार भारती एवं समाज सेवी श्याम बाबू प्रजापति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन पुस्तक के प्रकाशक एवं श्री पब्लिकेशन के स्वामी आनंद अमित ने किया। आयोजन प्रातः 11:30 बजे से सायं 5 बजे तक चला, जिसमें नगर के अनेक कवि, साहित्यकार, पत्रकार एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
आयोजन का प्रारम्भ मंचासिन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं कवयित्री साधना मिश्रा द्वारा सरस्वती वंदना गा कर किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों को अंग वस्त्र एवं माल्यार्पण करके स्वागत सम्मान किया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गणेश गंभीर जी ने कहा कि ‘ओम के विचार’ जीवन मूल्यों का सशक्त दस्तावेज है, जो आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच की दिशा में समाज को प्रेरित करता है। मुख्य अतिथि विश्राम सिंह यादव ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे साहित्य समाज में नैतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं।
इस अवसर पर लेखक पंडित ओमप्रकाश त्रिपाठी ने अपने भावपूर्ण संबोधन में कहा कि यह कृति उनके दीर्घ शिक्षण अनुभव, सामाजिक सरोकार और आध्यात्मिक साधना का सार है। उन्होंने बताया कि पुस्तक की प्रत्येक सूक्ति व्यक्ति को संयम, सदाचार और आत्मविकास की राह दिखाने का प्रयास करती है।
द्वितीय सत्र में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित कवि एवं कवयित्रियों ने ओज, श्रृंगार और संवेदना से परिपूर्ण काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। तालियों की गूंज और ‘वाह-वाह’ के स्वर से पूरा परिसर देर तक साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर रहा।
कार्यक्रम के दौरान सभी कवियों को शानदार काव्य पाठ हेतु सम्मान पत्र और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।काब्य पाठ मुख्य रूप से मुख्य अतिथि डॉ विश्राम सिंह यादव,अध्यक्षता कर रहे कवि गणेश गंभीर, कवि राजेंद्र तिवारी उर्फ लल्लू तिवारी, कवि राजेंद्र त्रिपाठी,कवि ओम प्रकाश त्रिपाठी,कवि आनंद अमित,कवि राकेश शरण मिश्र कवि मिट्ठू मिश्र, कवि रविन्द्र पांडेय, कवि अनिल यादव,कवि अमरनाथ,कवि श्याम अचल,कवि विजय श्रीवास्तव,कवियत्री रेखा चौरसिया,सारिका चौरसिया, नंदनी वर्मा, इला जायसवाल, कुमारी पूजा यादव, कुमारी अन्नू सरोज आदि ने किया। इसके अलावा कार्यक्रम में आनंद केशरी,मेवालाल,संजय गहरवार ,दिलीप गहरवार,राजकुमार, दीनानाथ मयंक सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर हिंदी श्री पब्लिकेशन द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ओम प्रकाश त्रिपाठी को हिंदी श्री सम्मान से सम्मान पत्र एवं अंग वस्त्र के साथ सम्मानित किया गया।
समारोह का समापन कार्यक्रम के मुख्य आयोजक ओम।प्रकाश त्रिपाठी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह नेटी ‘ओम के विचार’ को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए इसे व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया।
यह आयोजन मिर्जापुर की साहित्यिक परंपरा में एक अविस्मरणीय और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।










