उपेंद्र तिवारी

सोनभद्र। जनपद के विंढमगंज उप स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। क्षेत्र पंचायत सदस्य की ओर से लगाए गए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आरोप है कि डिलीवरी के नाम पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा खुलेआम पैसे की मांग की जा रही है।
पीड़ित महिला प्रतिनिधि का कहना है कि अपनी बहू की डिलीवरी के लिए जब वह विंढमगंज उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं तो वहां ड्यूटी पर तैनात सोनिया देवी और कुंती देवी द्वारा ₹500 की मांग की गई। इतना ही नहीं, डिलीवरी के बाद छुट्टी देने के नाम पर अतिरिक्त पैसे की मांग भी की जा रही है।
यह कोई पहली घटना नहीं बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र पर डिलीवरी के नाम पर लेन-देन का मामला लंबे समय से चलता आ रहा है। कई बार लिखित शिकायतें भी की गईं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस संबंध में कई बार मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, सोनभद्र को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे विभागीय अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।
गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए जननी सुरक्षा योजना सहित तमाम सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी न हो। इसके बावजूद यदि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पैसे की मांग की जा रही है तो यह सीधे-सीधे शासन की मंशा के खिलाफ है।
स्थानीय जनता ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में गरीबों का शोषण न हो।








