
दोहा – पुरुष सिंह दोउ वीर हर्ष चले मुनि भाया हरण ।
कृपा सिंधु मतिधीर अखिल विश्व कारण कारण ॥
चोपन/ सोनभद्र – सिंदुरिया के रामलीला प्रांगण में चल रहे वर्षों से पुरानी रामलीला में प्रभु श्री राम एवं लखन लाल के द्वारा तारक बन में खूंखार राक्षसी ताड़का का वध करते हुए महर्षि की यज्ञ की रक्षा के लिए धनुष बाण लेकर तत्पर हो गए ताड़का के मृत्यु की खबर जब मारीच को पड़ी वह ऋषि द्रोही अपने भाई सुबाहु के साथ लोकानन , विकटानन, वैसे ही विकराल एवं खूंखार राक्षसों के साथ पुरी सेना लेकर यज्ञ स्थल पर पहुंचकर तांडव मचाने लगे प्रभु श्री राम ने बिना फल का बाण चलाया तो सात समुद्र के पर जाकर गिरा लखन लाल ने शेष सभी निश्चरों का संघार करके उसे क्षेत्र को निश्चर विहीन कर दिया इसी समय महर्षि विश्वामित्र के आश्रम में महाराज जनक के द्वारा स्वयंवर का निमंत्रण लेकर एक संत्री के द्वारा भेजा गया प्रभु श्री राम स्वयंवर का नाम सुनते ही मन ही मन प्रसन्न हुए तथा गंगा पर करते हुए गंगा स्नान किये तथा ब्राह्मणों को उचित दान दक्षिणा देते हुए मिथिला को पधारे महाराज जनक को जब गुप्त चारों के द्वारा सूचना प्राप्त हुई आम के बगीचे में दो राजकुमारों के साथ महर्षि विश्व मित्र पधारे हैं तुरंत विदेह जनक जी अपने सभी दरबारी के साथ महर्षि के स्वागत में गए तथा भगवान की मधुर एवं मनोहर मूर्ति को देखकर स्वयं को भूल गए उनका परिचय जाना तत्पश्चात नगर में जाने के लिए महर्षि जी से प्रार्थना किया तथा उनको जनकपुर के अतिथि गृह में ठहरा करके निज भवन को प्रस्थान किये । इस अवसर पर रहे । रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश पांडेय .विद्या शंकर पांडेय . व्यास मुरली तिवारी . डा० रामगोपाल तिवारी .नरसिंह त्रिपाठी .हनुमान पांडेय .राम जानकी पांडेय .उदय नारायण पांडेय .रामनारायण पांडेय .प्रेम शंकर पांडेय .श्रीराम पांडेय .रमाशंकर पांडेय .नागेंद्र पांडेय . राकेश पांडेय .विनोद पांडेय .दिनेश पांडेय .आदित्य नारायण पांडेय .अशोकपांडेय .विशाल पांडेय . अवधेश पांडेय . विजय पांडेय .जय पांडेय . रवि पांडेय . मोनू पांडेय .कामेश्वरी चौबे .गोविंद राम चौबे .अशोक मिश्रा .राधा रमण पांडेय . व चोपन थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा एवं समस्त पांडेय परिवार ग्रामीण मौजूद रहे ।










