ओबरा, सोनभद्र (स्टेट मीडिया ब्यरो)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र/सचिव अपर जनपद नयाधीश शैलेंद्र यादव और मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट आलोक यादव ने शुक्रवार 26 सितम्बर 2025 को संयुक्त दौरा कर राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह (किशोर) मिर्जापुर का निरीक्षण कर विधि विरुद्ध आवासित सोनभद्र के 19 किशोरों का हाल जाना और उन्हें मुख्य धारा में रहने की सीख दी।
सम्प्रेक्षण गृह में कुल 53 किशोर आवासित पाये गये।
चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज टू द चिल्ड्रेन एंड देयर प्रोटेक्शन प्ली बारगेनिंग, राइट टू एजुकेशन, नशा उन्मूलन, कौशल विकास हेतु चलाई जा रही है योजनाओं, बालको से सबंधित नालसा स्कीम आदि का प्रचार प्रसार हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन किया।
जनपद सोनभद्र में राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) नहीं है, सोनभद्र से संबंधित विधि के विरुद्ध निरुद्ध किए गए बालक जनपद मिर्जापुर में आवासित किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सहायक अधीक्षक/केयरटेकर बृजेश कुमार सिंह एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत चल रही उनकी जांच की प्रगति के संबंध में पूछताछ के अलावा बच्चों के के खान पान, रहन-सहन, स्वास्थ्य आदि मानक के अनुसार पाया।
निर्देश दिया किया कि साफ सफाई प्रतिदिन सुनिश्चित होने के अलावा भोजन, पढ़ाई, चिकित्सा, मनोरंजन, खेल आदि का प्रबंधन नियमानुसार सुनिश्चित और सुचारू रहे।
जजों ने यह भी निर्देश दिया कि 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक आयोजित राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान में न्यायालय में लंबित वैवाहिक, दुर्घटना, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक, सेवा, अपराधिक समझौता ,उपभोक्ता, विभाजन, भूमि अधिग्रहण आदि विवादों एवं अन्य उपयुक्त सिविल के मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित कराने पर बल देते हुए अधीक्षक को यह भी ताक़ीद किया कि मध्यस्थता अभियान का अत्यधिक प्रचार प्रसार हो।
यह जानकारी देते हुए अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने बताया कि जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम सुलीन सिंह के आदेशानुसार आयोजित किया गया।











