म्योरपुर /पंकज सिंह
म्योरपुर स्थानीय कस्बा मे चल रहे श्री रामलीला मंचन के दूसरे दिन राम जन्म का लीला का मंचन किया गया पृथ्वी पर दुस्टो का अत्याचार देख पृथ्वी देवताओं से कहती हैँ मै इन दुष्टो का भार सहन नहीं कर पा रही हूँ मै जल्द ही पाताल लोक चली जाउंगी पृथ्वी का बात सुन आकाश वाड़ी होता हैँ पृथ्वी तुम चिंता ना करो चल भी राजा दशरथ के घर मै औतार लूंगा और दुष्टो का अंत करूंगा उधर दशरथ जी का चौथा पन चल रहा होता हैँ वे चिंतन करते हैँ कुल आगे चलाने वाला कोई नहीं हैँ राजा मुनि जी के पास जाकर उनसे पुत्र प्राप्ति के बारे मे पूछते हैँ मुनि जी द्वारा राजा को एक यज्ञ कराने को कहा जाता हैँ राजा विधि विधान से यज्ञ करते हैँ यज्ञ के फल स्वरूप अग्नि माता प्रकट हो राजा फोन फल देती हैँ और कहती हैँ अपने रानीयों मे बराबर बराबर बाट देना राजा दशरथ मुनि जी के कहने पर ठीक वैसा ही करते हैँ ठीक नौ महीने बात रानीयों को पुत्र प्राप्ति होती हैँ दासी राजा को पुत्र प्राप्ति की सुचना देती हैँ राजा सभी दासियों को मुँह मांगा इनाम देते हैँ नानी द्वारा आनंद भयो यही नगरी मे सोहर का श्रद्धांलुओं ने खूब आनंद लिया राजा दशरथ जी ऋषि वशिष्ठ जी को चारो पुत्रो का नाम करण के लिए बुलाते हैँ वशिष्ठ जी द्वारा चारो पुत्रो का नाम राम,भारत,लक्षमण,शत्रुधन रखा जाता हैँ चारो पुत्रो को वशिष्ठ जी द्वारा शिक्षा ग्रहण के लिए अपने आश्रम ले जाते हैँ जहाँ पहुंच चारो भाई शिक्षा ग्रहण करते हैँ
इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष मोनू जायसवाल,उपाध्यक्ष मंदीप गुप्ता,संदीप अग्रहरी, कोषाध्यक्ष सुनील अग्रहरी (गोटिया जी ) मिडिया प्रभारी पंकज सिंह, ब्यास आशीष अग्रहरी (बिट्टू जी )सुनील कुमार आदि ग्रामीण मौजूद रहे











