रामप्रवेश गुप्ता

बीजपुर (सोनभद्र) जरहा वन रेंज क्षेत्र में तैनात एक चर्चित वन दरोगा को अवैध बालू खनन को शह देने के आरोप में मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर मंडल मनीष मित्तल ने 24 जून को निलंबित कर दिया।बताया जाता है कि जरहा वन रेंज में तैनात वन दरोगा शिवमंगल अपने तैनाती वाले क्षेत्र में नदियों से अर्से से अबैध बालू खनन के दौरान ट्रैक्टरों को रोकने और खनन माफियाओं पर कार्रवाई करने में असफल और फेल थे। बताया गया कि उक्त वन दरोगा की शह पर क्षेत्र में दर्जनों ट्रैक्टर व टीपर अवैध बालू खनन में रात दिन लगे हुए थे। ग्रामीणों की शिकायत पर गत दिनों प्रभागीय वनाधिकारी भानेन्द्र सिंह ने औचक निरीक्षण कर पिंडारी के बिच्छी नदी से अवैध बालू सहित एक ट्रैक्टर को खुद पकड़ कर कार्रवाई भी किया था।इतना ही नही इसके पहले भी बिच्छी नदी क्षेत्र सहित अजीर नदी से उड़ाका दल टीम के अलावा बभनी रेंजर और म्योरपुर रेंजर के साथ डीएफओ द्वारा गठित टास्क फोर्स टीम ने कई ट्रैक्टरों को अलग अलग समय पर पकड़ कर कार्रवाई कर चुकी है। इसके बावजूद अवैध खनन पर अंकुश लगने की बजाय जरहा क्षेत्र की नदियों से बालू खनन निरंकुश हो गया था। बालू माफिया बेखौफ दिनरात खनन में लगे हुए थे । मुख्य वन संरक्षक ने अपने आदेश में उक्त निलंबित वन दरोगा को तत्काल प्रभाव से रेनुकूट वन प्रभाग कार्यालय में अगले आदेश तक के लिए सम्बद्ध कर दिया है। अवैध खनन को लेकर वन विभाग की इस बड़ी कार्रवाई से महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है ।










