रामप्रवेश गुप्ता

बीजपुर (सोनभद्र) जनपद सोनभद्र में मानक विहीन और अवैध रूप से संचालित विद्यालयों के खिलाफ शासन स्तर पर चलाए जा रहे अभियान ने शिक्षा माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है। जिले के विभिन्न ब्लॉक शिक्षा क्षेत्रों के गांव, मुहल्लों, चट्टी-चौराहों पर संचालित कुल 45 अवैध विद्यालयों को चिन्हित कर उन्हें बंद करने का नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार शासन के निर्देश पर चल रहा यह अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी भी दूरदराज क्षेत्रों में संचालित कुछ अवैध विद्यालय सूची से बाहर हैं, जिनकी पहचान कर उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार क्षेत्रवार जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संभव है कि कुछ क्षेत्रों तक टीम अभी न पहुंच पाई हो, लेकिन ऐसे विद्यालयों को भी चिन्हित कर नोटिस भेजने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मानक विहीन विद्यालय बंद नहीं किए गए तो संबंधित संचालकों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी।
बताया जा रहा है कि जिले में कई विद्यालय केवल कक्षा 5 अथवा 8 तक की मान्यता लेकर इंटर कॉलेज तक का संचालन कर रहे थे। इन विद्यालयों में अभिभावकों से मनमानी फीस, कॉपी-किताब, ड्रेस, जूता और अन्य शुल्कों के नाम पर जमकर वसूली की जा रही थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई विद्यालय शिक्षा के मंदिर कम और अवैध कमाई के केंद्र अधिक बन चुके थे, जहां बच्चों और अभिभावकों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण किया जा रहा था। शासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है और लोग इसे शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं।
क्षेत्र में चर्चा है कि यदि शासन स्तर पर यह अभियान पूरी गंभीरता से जारी रहा तो सोनभद्र के हजारों-लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा।










