रामप्रवेश गुप्ता

श्रमिको की हुंकार:15 दिन में समाधान नही तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
बीजपुर(सोनभद्र)नमामि गंगे की जल जीवन मिशन झीलों परियोजना में कार्यरत श्रमिकों और सुरक्षाकर्मियों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है।लंबे समय से लंबित समस्याओं और अनदेखी से नाराज़ कर्मचारियों ने परियोजना स्थल पर अपनी आवाज़ बुलंद कर हुंकार भरा।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिक्योरिटी कंपनी के एमडी शिवराम रेड्डी डायरेक्टर और ऑपरेशन हेड डैनियल खुद मौके पर पहुंचे।वहां विभिन्न साइटों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों/कर्मचारियों की मौजूदगी में अधिकारियों ने उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिया।गौरतलब है कि इससे पहले भी श्रमिकों ने हड़ताल किया था जिसके बाद ब्लॉक प्रमुख की मौजूदगी मे जीवीपीआर कंपनी ने समस्याओं के निस्तारण के लिए 15 दिन का समय मांगा था।वहीं लगातार बढ़ते असंतोष और शिकायतों के बीच हर्निया कंपनी ने भी समाधान के लिए 15 दिन की मोहलत लिया है।इस पूरे मामले पर जीवीपीआर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर का कड़ा रुख सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर हर्निया कंपनी सुरक्षाकर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो उसके खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन के दौरान श्रमिकों में भारी एकजुटता देखने को मिली।इस मौके पर राम जी गुर्जर, मनीष जायसवाल,अरविंद गुप्ता,नोकेश, अनीफ शेख,रजब अली,सूर्यदेव, अतुल कुमार,विश्वनाथ,रोहित कुमार,आशू,राकेश कुमार,हरे राम जायसवाल,उमेश दुबे,नंद लाल गौड़,रामजी,शिवशंकर,आनंद गुर्जर एवं ज्वाहिर लाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
श्रमिकों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज करते हुए बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।










