रामप्रवेश गुप्ता

बीजपुर ( सोनभद्र ) एनटीपीसी बीजपुर परिसर स्थित अपनी भव्यता, सुंदरता एवं आध्यात्मिक महत्व के लिए क्षेत्र में प्रसिद्ध रिहंदेश्वर धाम महादेव मंदिर में देवताओं का दिन माने जाने वाले मकर संक्रांति पर्व को भव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर बुधवार को मंदिर समिति द्वारा विशेष भोग प्रसाद—चूड़ा-दही, गुड़, तिलवा, तिलकुट के साथ महाप्रसाद की भी व्यवस्था की गई, जिसे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से ग्रहण किया।
कार्यक्रम में परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अनिल श्रीवास्तव, वर्तिका महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शिखा श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक संजय असाटी, मानव संसाधन प्रमुख राजेश बोई पोई, मंदिर समिति के अध्यक्ष संजीव खेड़ा, उपाध्यक्ष योगेश त्रिपाठी, निशांत कमल, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) प्रदीप कुमार, रंगा रेड्डी, पवन कुमार मिश्र, राजेन्द्र शाह, मंदिर समिति के महासचिव प्रमोद द्विवेदी, अमित मालवीय, बीएमएस अध्यक्ष राकेश राय, महामंत्री एस.एन. पाठक, मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष संजय कुमार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सद्भावना प्रमुख अनिल त्रिपाठी, हरिओम मिश्रा, उदय उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मंदिर में दर्शन-पूजन कर भोग महाप्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष संजीव खेड़ा ने कहा कि मकर संक्रांति का पर्व पौराणिक काल से संपूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाता रहा है। इस दिन भगवान भास्कर उत्तरायण होते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उपाध्यक्ष योगेश त्रिपाठी ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां गंगा का सागर से मिलन होता है और पवित्र नदियों में स्नान, दान तथा देवालयों में दर्शन-पूजन से पापों का नाश एवं आत्मा की शुद्धि होती है।
बीएमएस अध्यक्ष राकेश राय ने मकर संक्रांति को सामाजिक मेल-मिलाप एवं पारिवारिक सद्भाव का प्रतीक बताते हुए कहा कि गुड़-तिल से बनी मिठाइयों की मिठास समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द को मजबूत करती है।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख ने सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रिहंदेश्वर महादेव का आशीर्वाद सभी पर सदैव बना रहे और समाज में सद्भाव एवं एकता और अधिक सुदृढ़ हो।
कार्यक्रम की सफलता में मंदिर समिति के सदस्य कृष्ण भगवान पाठक, रिंकेश उपाध्याय, श्रीराम यादव सहित अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरे मनोयोग से व्यवस्थाएं संभालीं।










