अभिषेक शर्मा (संवाददाता डाला)

डाला (सोनभद्र)- ग्राम बिल्ली मारकुंडी स्थित बंद खदानो को सुरक्षित पुनः चालू करवाने की मांग को लेकर डाला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष मुकेश जैन के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के खनन निदेशक माला श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया ।
जनपद दौरे पर बिल्ली मारकुंडी स्थित खनन क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंची उत्तर प्रदेश सरकार की खनन निदेशक माला श्रीवास्तव को डाला व्यापार प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष मुकेश जैन के नेतृत्व में रविवार को एक ज्ञापन सौंपा गया इस दौरान साथ में सन्तोष शर्मा, रामू सिह गोड. सुधिर सिंह संजय मित्तल साथ में मौजूद रहे ,खनन निदेशक को सौंप गए ज्ञापन के माध्यम से व्यापार मंडल अध्यक्ष ने बताया कि बिल्ली मार्कुण्डी खनन क्षेत्र की एक खदान में हुए हादसे के बाद बिना जाँच पड़ताल डीजीएमएस द्वारा 37 खदानो के खनन-परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। जिसके कारण खनन कार्य से जुड़े करीब 10 हजार मजदूर बेरोजगार हो गये। इन मजदूरी पर आश्रित 30 हजार परिवार के समक्ष रोजी रोटी के लाले पड़ने लगें है। ये दैनिक मजदूरी करने वाले मजदूर ठंड, गर्मी और बरसात के मौसम में भी क्षेत्र में संचालित खदानों में काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। खदानो में पत्थर ढोने के कार्य में लगे दो हजार से अधिक टीपर, पाँच सौ कम्प्रेशर मशीन, सैकड़ो पोकलैन मशीनो का संचालन पुरी तरह से ठप हो गया है। पत्थर खदानो पर पुरी तरह से निर्भर 250 क्रशर प्लांटो का संचालन ठप हो गया है। जिससे डाला स्टोन पत्थर क्रेशर के नाम से दुनिया भर में मशहूर गिट्टी का उत्पादन ठप हो गया है। खनन उद्योग पर निर्भर डाला, ओबरा एवं चोपन में संचालित चाय-पान, ठेला खुमचा, पंचर, सैलून आदि दुकानो पर सियापा छा गया है। खनन बंद होने से बेरोजगार मजदूरो एवं उन पर आश्रित परिवारो के समक्ष भूखमरी की स्थित उत्पन्न हो रही है , हालात यही रहा तो मजबूरन दैनिक मजदूरो को गैर प्रदेशो की ओर रोजी रोटी की तलास में पलायन करना पड़ सकता है ।
जिसके कारण उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डालर की अर्व्यवस्था बनने में हर माह खनन उद्योग से 13 करोड़ राजस्व के रूप में भागिदारी निभाने वाले पाँच दशको से संचालित खनन को पुनःचालू कर जनपद में खुशहाली बहाल कराने के मांग को खनन निदेशक को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया । जिससे दैनिक मजदूरो का जीवन सुखमय होने के साथ ही गिट्टी उद्योग फिर से चल सके और स्थानीय क्षेत्र में सुचारू रूप से व्यवसाय संचालित रहे ।










