-यह दिवस दिव्यांगो को समाज, विकास के हर अधिकार और कल्याण को बढ़ावा और राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को संरक्षित करता है -अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव
सोनभद्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के तत्वावधान में बुधवार 03 दिसम्बर 2025 को अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस का आयोजन किया गया। बचपन डे केयर सेंटर में
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से संचालित बचपन डे केयर सेन्टर, एल-2 हास्पिटल भवन लोढ़ी सोनभद्र में विधिक जागरूकता शिविर एवं उत्साह संवर्धन कार्यक्रम अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेन्द्र यादव की अध्यक्षता में
सम्पन्न किया गया। दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विद्या देवी एवं बचपन डे केयर सेन्टर के समन्वयक राहुल कुमार सिंह एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे।
सचिव श्री यादव ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह दिवस समाज और विकास के हर स्तर पर दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देने और राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन के सभी पहलुओं में दिव्यांग व्यक्तियों की स्थिति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है, जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया जाता है, ताकि वे समाज में दूसरों के साथ पूरी तरह समान रूप से और प्रभावी रूप से भाग ले सके और अपने जीवन के सभी पहलुओं में किसी भी बाधा का सामना न करें।
प्राधिकरण सचिव ने बताया कि कई बच्चों में जन्म के साथ हाथ-पैर या शरीर के किसी हिस्से में समस्या होती है। ऐसे बच्चों को स्पेशल चाइल्ड या दिव्यांगता की कैटेगरी में रखा जाता है। दिव्यांग व्यक्तियों को बराबरी के मौके देने और उनके अधिकारों को बनाए रखने के लिए हर साल 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस मनाया जाता है।
इस दिवस का उद्देश्य है कि विकलांग लोगों को शिक्षा, काम, स्वास्थ्य सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में आसानी सा भागीदारी दी जा सके और हर जगह समान रूप से उन्हें शामिल किया जा सके।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि बचपन डे केयर सेन्टर का मुख्य उद्देश्य 03 वर्ष से 07 वर्ष तक के मूक बधिर दृष्टिबाधित एवं बौद्धिक अक्षमता के बच्चों हेतु निःशुल्क रूप से प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों के माध्यम से निःशुल्क शिक्षण प्रशिक्षण, स्पीच थेरेपी, फिजियो थेरेपी, बच्चों को घर से लाने व ले जाने हेतु वाहन की सुविधा, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक मध्यान्ह भोजन, प्रत्येक 03 माह पर स्वास्थ्य परीक्षण, कॉपी, किताब, स्टेशनरी, बैग, यूनिफार्म की सुविधा, स्वच्छ पेयजल हेतु वाटर प्यूरीफायर, मनोरंजन हेतु उपयुक्त खेल संसाधन, बच्चों हेतु आवश्यक निःशुल्क सहायक उपकरण, भयमुक्त वातावरण में शिक्षण सहायक सामग्री के साथ प्रशिक्षण, प्रोजेक्टर के माध्यम से डिजिटल क्लास की सुविधा श्रवण बाधित बच्चों के लिए ग्रुप हियरिंग ऐड के माध्यम से शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जाना है।
इसके अलावा नालमा स्कीम, नशे से होने वाली बीमारियों तथा मद्य निषेध के संबंध में, महिलाओं के कल्याण के लिए बने कानूनों, उपभोक्ताओं के अधिकार एवं इसके लिए बनाये गये उपभोक्ता फोरम की कार्य प्रणाली तथा वृद्धजनों को विधिक सेवा देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उठाये गये प्रवासों के संबंध में जागरुक किया।
यह जानकारी शैलेन्द्र यादव अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा दी गयी।











