- खाद और लैंपस की जटिल समस्या को लेकर भाकपा नेता कामरेड आर के शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ए.आर. – कोआपरेटिव को घेरा।
- किसानों के आक्रोश व भारी दबाव पर एआर – कोआपरेटिव ने तत्वरित कार्यवाही करते हुए नाबार्ड परियोजना से अगले माह में ही नया लैंपस स्थापित कराने की बात कही।
सोनभद्र। शुक्रवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता कामरेड आर के शर्मा के नेतृत्व में खाद और लैंपस की जटिल समस्या को कनछ व कन्हौरा गांव के दर्जनों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां अपनी समस्याओं की लिखित शिकायत को जिलाधिकारी से मुलाकात किए। जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया और समस्याओं के निराकरण की बात कही। वहीं कुछ ही समय पर एआर कोआपरेटिव कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे तो भाकपा नेता आर के शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने उन्हें घेरकर नारेबाजी की और उनसे भी अपनी जटिल समस्याओं को अवगत कराया। जहां मौके पर भाकपा नेता कामरेड आर के शर्मा कहा कि विगत 12 अगस्त को विभिन्न सवालों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्यव्यापी धरना प्रदर्शन के माध्यम से जिलाधिकारी को संबोधित एक पत्रक कार्यालय में दिया गया था। जो चोपन विकास खंड के गांव कनछ व कन्हौरा के किसानों की भी जटिल समस्या के निदान हेतु दिया गया था । जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई ।उस पत्रक में चोपन विकास खंड क्षेत्र के कनछ व कन्हौरा गांव के किसानों की जटिल समस्या को लेकर जिक्र किया गया था, और मांग किया गया था कि इन दोनों गांवों के किसानों को लंबी दूरी तय करके और अधिक खर्च करके खाद बीज लेने के लिए “कोटा – लैंपस” जाना पड़ता है, जबकि नजदीकी सहकारी क्रय-विक्रय समिति -चोपन में पहले से ही स्थित है । कनछ, कन्हौरा गांव के किसानों की हर तरह की समस्या को देखते हुए उनका लैंपस कोटा से हटाकर सहकारी क्रय-विक्रय समिति – चोपन में किया जाय।
लेकिन अभी तक इस विषय पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नही होने से उक्त गांव के किसानों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही हम सभी अवगत हैं कि जनपद के सभी क्षेत्रों में खाद बीज की कालाबाजारी और समितियों पर सहुलियत से किसानों को समय से खाद न मिलने की चर्चाएं मीडिया, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया देखने व सुनने को लगातार मिल रही है, जिसको लेकर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के किसानों में शासन/प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है और वह आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है । जनपद की स्थिति कभी भी भयावह हो सकती है और लोग कभी भी सड़कों पर उतर सकते हैं । ऐसी स्थिति न बनने पाए जिसे रोका जाना नितांत आवश्यक है । ऐसे में भारतीय कम्युनिस्ट निम्न समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग करती हैं, जिसमें प्रमुख रूप से
१- जनपद सोनभद्र के विकास खंड चोपन के अंतर्गत अति नक्सल प्रभावित गांव कनछ और कन्हौरा के किसानों को “लैंपस – कोटा” से ( जो कि 45 से 50 किमी की दूरी पर है ) हटाकर उन्हें नजदीकी 12 से 15 किमी की दूरी पर स्थित चोपन विकास खंड कार्यालय परिसर में स्थापित सहकारी क्रय-विक्रय समिति केंद्र – चोपन से जोड़ा जाए और खेती से संबंधित जरुरत की सभी चीजें पर्याप्त मात्रा में वहीं सरलता से उपलब्ध कराया जाए।
२- जनपद के सभी सहकारी क्रय-विक्रय समितियों को पर्याप्त भंडारण के साथ चुस्त-दुरुस्त रखा जाए और वहां चल रहे लूट खसोट और भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाया जाए।
३- जनपद में खाद बीज की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए । जनपद के बाजारों में विक्रेताओं द्वारा डीएपी / यूरिया निर्धारित दाम से अधिक दामों पर बेचने पर सख्त कार्रवाई किया जाए और किसानों के शोषण को रोका जाए तथा
किसानों/ खेतिहरों को समुचित दाम में खाद – बीज पर्याप्त मात्रा में सरलता से उपलब्ध कराया जाए ।
एआर – कोआपरेटिव ने उक्त सवालों पर गंभीरता दिखाते तत्काल कार्यवाही की बात कही और नाबार्ड के डीडीएम से किसानों की टेलिफोनिक वार्ता कराई, जिनके द्वारा सितंबर माह ही कनछ, कन्हौरा के किसानों के लिए स्थानीय नया लैंपस स्थापित कराने की बात कही गई। तब इस बात पर किसान संतुष्ट हुए ।
इस मौके पर एआर कोआपरेटिव के साथ अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रदर्शन करने वाले किसानों में प्रमुख रूप से अशोक मौर्या (प्रधान प्रतिनिधि,कन्हौरा ),
शिवलाल (पूर्व प्रधान – कनछ) अमरनाथ, विरेन्द्र दूबे, गजानंद गुप्ता, योगेन्द्र चंद्रवंशी, मनोज कुमार, शंकर भारती, प्रेम चंद्र गुप्ता, हृदय नारायण , राम नाथ, राजेन्द्र प्रसाद, रामसकल आदि मौजूद रहे।











