- लोक कल्याण में थाना प्रभारी निभाएं ज़रुरी भूमिका- प्राधिकरण सचिव *
-13 सितम्बर को आयोजित होगा लोक अदालत, 30 सितम्बर तक चलेगा “राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान” थानेदारों को अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने दी हिदायत।
कमाल अहमद
सोनभद्र (स्टेट मीडिया ब्यूरो)।
सोनभद्र। 04 अगस्त सोमवार को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र/अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने जनपद के समस्त थाना प्रभारियों संग बैठक कर राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान तथा राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु कार्य योजना की जानकारी देते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि जनहित में विभागीय व अन्य मामले यथाशीघ्र उचित प्लेटफार्म से समापन करायें। बताया कि जनपद सोनभद्र में 13 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की बैठक की अध्यक्षता कर रहे अपर जनपद न्यायाधीश/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र, शैलेंद्र यादव ने बैठक में प्रकाश डाला कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विशिष्ट विषय, अपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, आर्बिट्रेशन एवं पेट्टी ऑफेंसेस के वाद, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वाद, श्रम एवं भूमि अधिग्रहण तथा विद्युत एवं जल बिल वाद हो या सर्विस में वेतन एवं भक्तों से संबंधितवाद, विशिष्ट व्ययादेश अनुतोष वाद से संबंधित मामलों के साथ सुलह योग्य प्री लिटिगेशन मामले को भी समझौते के आधार पर इस राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किया जाएगा।
हिदायत दी कि अधिक से अधिक वादों में नोटिस का तामिला सुनिश्चित करने और समझौते के आधार पर केस निस्तारित कराया जाये।
अलावा इसके जनपद सोनभद्र में 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक चलाये जा रहे राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान पर भी प्रगति की जानकारी ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शैलेंद्र यादव ने ली और मनोयोग से जनहित में प्रचार प्रसार सहित आमजन को लाभान्वित करने पर बल दिया।
जानकारी अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने दी है।
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- मध्यस्थता के लिए कौन से मामले संदर्भित होंगे? *
सोनभद्र। राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के परिप्रेक्ष्य मे बैठक की अध्यक्षता कर रहे अपर जनपद न्यायाधीश/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र, शैलेंद्र यादव ने थाना प्रभारियों से बताया कि मध्यस्थता अभियान में अपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, वैवाहिक विवाद, घरेलू हिंसा, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वाद, श्रम एवं भूमि अधिग्रहण तथा विद्युत एवं जल बिल वाद हो या सर्विस में वेतन से संबंधित वाद, विशिष्ट व्ययादेश अनुतोष वाद से संबंधित मामलों के साथ सुलह योग्य प्री लिटिगेशन मामले को भी समझौते के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।
श्री यादव ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि अधिकाधिक वादों के निस्तारण हेतु सम्मिलित प्रयास किया जाये ताकि अधिकाधिक जनों को इसका लाभ मिल सके।











