
(संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री सहित मुख्यमंत्री को लिखा पत्र)
सोनभद्र। संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल एवं मुजफ्फरपुर के अस्पताल में हुई भीषण अग्निकांड की घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल दुर्घटनाएं नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार और अग्नि सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी का परिणाम हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित जीवन का अधिकार प्रदान करता है। जब होटल, अस्पताल, मॉल एवं अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना संचालित होते हैं, तब नागरिकों के इस मौलिक अधिकार का सीधा उल्लंघन होता है।
श्री मिश्र ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से मांग की कि देशभर में विशेष अभियान चलाकर होटल, अस्पताल, अपार्टमेंट, मॉल तथा अन्य सार्वजनिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराई जाए। जिन संस्थानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाए, उनके लाइसेंस तत्काल निरस्त किए जाएं तथा संचालकों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी कठोर दंडात्मक एवं आपराधिक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारें किसी बड़ी त्रासदी के बाद केवल मुआवजा घोषित करने तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जवाबदेही तय करें। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में भी निर्दोष नागरिकों की जान इसी प्रकार खतरे में पड़ती रहेगी।
संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश ने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है तथा सरकार से दोषियों के विरुद्ध उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई की मांग की है।









