, सोनभद्र पुलिस और आबकारी टीम की संयुक्त कार्रवाई में पहले चुर्क मोड़ पर एक ट्रक पकड़ा गया था, जिसकी तलाशी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ।ट्रक में चावल और अन्य सामान की आड़ में भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप छिपाकर ले जाया जा रहा था।
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह कोई सामान्य मामला नहीं बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ तस्करी का संगठित नेटवर्क है।इस नेटवर्क का संचालन शुभम जायसवाल सिंडिकेट द्वारा किया जा रहा था, जिसमें जुबैर शेख की भूमिका बेहद अहम थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि जुबैर शेख मूल रूप से महाराष्ट्र के औरंगाबाद का रहने वाला है और उसका गिरोह ट्रकों के जरिए यूपी से कफ सिरप की खेप बांग्लादेश बॉर्डर तक पहुंचाता था।तस्करी का तरीका बेहद शातिर था—ट्रकों में चावल की बोरियों के बीच कफ सिरप की बोतलें छिपाई जाती थीं ताकि किसी को शक न हो।
बॉर्डर के नजदीक पहुंचने से पहले ट्रक और ड्राइवर बदल दिए जाते थे, जिससे नेटवर्क की पहचान न हो सके।खास बात यह भी रही कि गिरोह बिहार, झारखंड, यूपी और पश्चिम बंगाल के स्थानीय ड्राइवरों का इस्तेमाल नहीं करता था, ताकि सूचना लीक होने का खतरा कम रहे। इस मामले में गिरोह के कुछ सदस्य पहले से ही पूर्णिया जेल में बंद बताए जा रहे हैं।वहीं जांच के दौरान गाजियाबाद कनेक्शन भी सामने आया, जहां से एक गोदाम से करीब डेढ़ लाख कफ सिरप की शीशियां बरामद की गई थीं।
ताजा कार्रवाई में पुलिस ने कोलकाता से जुबैर शेख को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया है, जहां उससे पूछताछ जारी है।पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।










