रामप्रवेश गुप्ता

कालाबाजारी के आरोप, प्रशासन सख्त ।।
सोनभद्र (बीजपुर) क्षेत्र में इन दिनों घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आम परिवारों से लेकर मिष्ठान दुकानों और कैन्टीन संचालकों तक सभी इस समस्या से जूझ रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई लोग गैस के अभाव में लकड़ी और पारंपरिक साधनों से खाना बनाने को मजबूर हैं।
आम उपभोक्ता परेशान, व्यवसाय पर भी असर
गैस की कमी का सीधा असर न सिर्फ घरों की रसोई पर पड़ा है, बल्कि छोटे व्यापारियों और होटल-ढाबा संचालकों का काम भी प्रभावित हो रहा है। समय पर सिलेंडर न मिलने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
वितरण में भेदभाव का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इंडेन गैस एजेंसी द्वारा सिलेंडर वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं को लंबे इंतजार के बाद भी गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग का खेल
सूत्रों के अनुसार, एनटीपीसी के कोऑपरेटिव से मिलने वाले गैस सिलेंडरों को कुछ तथाकथित लोगों द्वारा ऊंचे दामों पर चोरी-छिपे बेचा जा रहा है । साथ ही जिन उपभोक्ताओं ने बुकिंग भी नही किया है उनका भी सिलिंडर कुछ दिन पूर्व डिलीवर बता रहा है । जनचर्चा के मुताबिक, यह स्थिति कुछ धंधेबाजों के लिए “आपदा में अवसर” साबित हो रही है।
बताया जा रहा है कि अवैध रूप से सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये तक में बेचे जा रहे हैं, वहीं खुले बाजार में गैस की रिफिलिंग 200 रुपये प्रति किलो तक की जा रही है।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
इस पूरे मामले पर एसडीएम दुद्धी निखिल कुमार यादव ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और जल्द ही छापेमारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
निष्पक्ष वितरण की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और जनजीवन पुनः सामान्य हो सके।










