सोनभद्र। ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र सचिव/अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने आगामी 13 दिसम्बर 2025 को आयोजित होने जा रही राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी हेतु विभिन्न विभागों के ज़िम्मेदार अधिकारियों संग शुक्रवार 7 नवम्बर 2025 को बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत जनपद न्यायालय सोनभद्र के प्रांगण एवं वाह्य न्यायालय ओबरा, दुद्धी तथा ग्रामीण न्यायालय घोरावल में भी आयोजित किया जाएगा। इसकी सफलता एवं सार्थकता के लिए अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने आमजनों से अपील किया है कि न्याय पालिका के इस आमंत्रण का लाभ उठायें और मुकद्दमों से मुक्ति पायें।
श्री यादव ने जनसाधारण से अपील किया है कि अपने लंबित वाद-विवाद, शिकायत को राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण हेतु संबंधित अधिकरण, फोरम, न्यायालय के पीठासीन अधिकारी, जनपद न्यायालय सोनभद्र एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र से संपर्क कर अपने विवादों का निस्तारण करा सकते हैं।
बैठक में मौजूद एआरटीओ मनोज कुमार, एपीओ मनरेगा सुनील कुमार, नायब तहसीलदार ओबरा रजनीश यादव, नायब तहसीलदार घोरावल विदित तिवारी को निर्देश दिया कि सुलह समझौता के आधार पर जनमानस के मुकदमे का निस्तारण कराने हेतु अधिकाधिक वादों नोटिस तामिला सुनिश्चित करायें।
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- वन स्टाप सेंटर में 10 दिन की मिली वेदिका-प्राधिकरण सचिव *
सोनभद्र (स्टेट मीडिया ब्यूरो)। ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र सचिव अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने शुक्रवार 7 नवम्बर को वन स्टाप सेंटर सोनभद्र का औचक निरीक्षण कर वहां की दशा और दिशा की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान 10 दिन की नवजात बालिका वेदिका के अलावा 1माह 6 दिन की कात्यायनी, 2 माह 6 दिन का बालक सूर्यांश, 6 माह 3 दिन की बालिका दुर्गा आवासित पायी गई।
साथ ही विधिक जागरूकता समेत 13 दिसम्बर को आयोजित होने जा रहे राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी देते हुए वन स्टाप सेंटर अधीक्षिका दीपिका सिंह को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया। बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विशिष्ट विषय अपराधिक शमनीय वाद, बैंक वसूली वाद, धारा 138 एनआई एक्ट, आर्बिट्रेशन एवं पेट्टी ऑफेंस के वाद, बैंक वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक, श्रम एवं भूमि अधिग्रहण, विद्युत बिल, सर्विस में वेतन एवं भत्तों से संबंधित सेवा निवृत्तिक परिलाभों से संबंधित विवाद, राज्यों से संबंधित मामले, सुलह योग्य प्री लिटिगेशन मामलों को भी सुलह समझौता के आधार पर संपन्न किया जाएगा।











