-केंद्र द्वारा ओबीसी का प्रमाण पत्र जारी न होने से समाज के पढ़ने वाले युवा लड़के लड़कियां परेशान.!
डाला सोनभद्र- रौनियार समाज जब राज्यों में ओबीसी की श्रेणी में आता है तो केंद्र में होना चाहिए रौनियार समाज के इस मांग पत्र को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री (केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार),अध्यक्ष (राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग) को पत्र भेज कर रौनियार जाति को केंद्र की ओबीसी की सूची में शामिल किए जाने की मांग करूंगा। उक्त बातें संजीव कुमार गोड़ (राज्य मंत्री) समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, उत्तर प्रदेश सरकार ने कही।
रौनियार समाज के संस्थापक/अध्यक्ष डा ए के गुप्ता (रौनियार) ने संजीव कुमार गोड़ (राज्य मंत्री) समाज कल्याण उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन पत्र सौंपते हुए समस्याओं से अवगत कराया कि विभिन्न राज्यों में रौनियार जाति पिछड़ी जाति (ओबीसी अनुच्छेद ।। ) की श्रेणी में आता है। उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवास करने वाले रौनियार समाज सामाजिक शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा है। किंतु केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश की रौनियार जाति को केंद्र की ओबीसी की सूची में शामिल नही किये जाने से समाज के पढ़ने लिखने एडमिशन लेने वाले युवा लड़के लड़कियां छात्र काफी परेशान हैं, न हीं केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य के लोगों को पिछड़ी जाति (ओबीसी) का प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।
डा गुप्ता (रौनियार) ने राज्य मंत्री को बताया कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर की अध्यक्षता में बुधवार 30 जुलाई 2025 प्रदेश स्तरीय बैठक लखनऊ में हुई थी। जिसमें उतर प्रदेश की 29 जातियों को केंद्र की ओबीसी की सूची में शामिल किए जाने की पहल करते हुए प्रक्रिया को जल्द अमल में लाने की बात कही गई है। जिसमें रौनियार जाति का भी नाम शामिल है। बैठक में नरेंद्र कश्यप पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने उत्तर प्रदेश के पिछड़े वर्ग की सूची व उनसे संबंधित जातियों/ उपजातियां व उपनाम की जानकारी दी। जो अब तक भारत सरकार की केंद्रीय सूची में सम्मिलित नहीं हो सका है आदि मामलों पर राज्य स्तरीय बैठक व चर्चा हुई है। समाज कल्याण राज्य मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि इस मामले पर पहल व पत्राचार किया जाएगा। ताकि केन्द्र सरकार द्वारा रौनियार जाति को केंद्र की ओबीसी की सूची में शामिल किया जा सके।











