रामप्रवेश गुप्ता

बीजपुर(सोनभद्र) एनटीपीसी रिहंद की राख निस्तारण नीति से आसपास के ग्रामीण समय से पहले ही कई रोगों से ग्रस्त होकर जान से हाथ धोने को मजबूर हैं । राख ढुलाई व राख डंपिंग का खेल पूरी तरह से नियमो को ताक पर रखकर खेला जा रहा है । सुबह से रात तक उड़ रही राख से लोगो का जीना दूभर हो गया है प्रदूषण इतना बढ़ गया है लोगों को सांस तक लेने में परेशानी हो रही है व लोग कई तरह की गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं बावजूद इसके एनटीपीसी प्रबंधन सहित पूरा प्रशासनिक अमला हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है । जानकारी के अनुसार एनटीपीसी राख बंधे से ग्रामीण क्षेत्र में महुआबारी समेत कई जगह गढ्ढों को भरने हेतु राख गिराई जा रही है राख परिवहन में लगी एजेंसिया नियम कानून को ताक पर रखकर मनमानी तरीके से राख फिलिंग में लगी हुई हैं । ना तो परिवहन वाले मार्ग पर किसी प्रकार का पानी छिड़काव किया जा रहा है और ना ही गिराई गई राख पर मिट्टी डाली जा रही है जिससे पूरी राख हवा में उड़कर वातावरण को जहरीली बना रही है । आसपास के रहवासियों ने पानी छिड़काव हेतु ठेकेदार को कहा पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नही होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने एनटीपीसी प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए चेताया है कि हम भू विस्थापित ग्रामीणों की जिंदगी से खिलवाड़ बंद करके पाटी गई राख पर मिट्टी डलवाया जाए एवं मार्ग पर पानी छिड़काव करवाया जाए । अन्यथा ग्रामीण एकजुट होकर स्वयं इसके विरोध में खड़े होंगे । जिसकी पूरी जिम्मेदारी एनटीपीसी प्रबंधन की होगी ।।