घोरावल सोनभद्र

घोरावल तहसील में हर पटल पर व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। इससे तहसील में कार्यरत अधिवक्ताओं ने सोमवार को बैठक कर सर्व सम्मति से मंगलवार व बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।तहसील अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष राज बहादुर सिंह व दी घोरावल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शुशील कुमार शुक्ल ने तहसील परिसर में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर संयुक्त रूप से दस सुत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी को मंगलवार को दिया। ज्ञापन में राजस्व संहिता की अनेक धाराओं में समुचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। धारा 24,116 में शासनादेश कै बावजूद मिलजुमला नंबर दिखाकर खारिज कर दिया जा रहा है। धारा 24,38,76,67-1,67-2, की पत्रावली जो पंजीकृत से पूर्व रिपोर्ट में गई थी, उसमें रिपोर्ट आने के बाद वाद पंजीकृत कर गुण दोष के आधार पर निस्तारण किया जाय।साथ ही नए वाद को पंजीकृत कर रिपोर्ट में भेजी जाय। साथ ही आदेश की पत्रावली सुरक्षित कर महिनों बाद आदेश किया जाता है, तथा आदेश बैकडेट में कर दिया जाता है, जिससे अपील निगरानी नहीं हो पा रही है। क्योंकि टाइम वार्ड होने पर आदेश दिया जाता है। मालिकान आर6 पर समय पर दर्ज नहीं हो पाता है, कम्प्यूटर आपरेटर समय बद्ध तरीके से आदेश का अंकन व अंश निर्धारण खतौनी पर दर्ज नहीं किया जा रहा है । आपरेटर कम्प्यूटर समय से सभी कार्यों का क्रियान्वयन समय पर किया जाकर अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। राजस्व निरीक्षकों द्वारा समय से पैमाइश का काम क्रमवार तरीके से किया जाय। तथा धन उगाही पर रोक लगाई जाए। तहसीलदार के पटल पर लंबित नामांतरण प्रार्थना पत्र का निस्तारण समयावधि के अंदर की जाय,। धारा 80 ,व 35 अंतर्गत नामांतरण व उत्तराधिकार विधिक नियमों के अनुसार कराईं जाय। तहसील घोरावल के सभी कर्मचारियों अधिकारियों द्वारा व विभिन्न पटलों पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए। यह भ्रष्टाचार सभी पटलों पर हाबी है,गरीब जनता को सस्ता व सुलभ न्याय मिल पाना मुश्किल हो गया है। इस के अलावा यह भी कहा गया है कि यदि दो दिन में उक्त समस्या के समाधान हेतु ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह बार द्वय आगे भी न्यायिक कार्य में सहयोग नहीं कर सकेगा। इस अवसर पर राम किंकर पाठक, राजेन्द्र पाठक,प्रयागदास, गोपाल सिंह, श्याम बिहारी,राज नारायण श्रीवास्तव, संतोष तिवारी सौरव तिवारी,अरूण तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।बैठक का संचालन महामंत्री राजेश कुमार दूबे ने किया।










