उपेंद्र तिवारी
20 मिनट तक चला जिंदगी बचाने का संघर्ष, ग्रामीणों की सूझबूझ और साहस से बची शिवम की जान; हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोरा
महुली/सोनभद्र।
विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली बस स्टैंड के समीप शनिवार रात्रि करीब 10:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। महुली खेल मैदान की ओर से आ रही तेज रफ्तार होंडाई कार संख्या UP64AX8466 अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे सड़क किनारे स्थित राजकुमार गुप्ता की दुकान में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दुकान का अगला हिस्सा क्षणभर में ध्वस्त हो गया और अंदर मौजूद शिवम कुमार गुप्ता (16 वर्ष) पुत्र राजकुमार गुप्ता निवासी पतरिहा कार के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार काफी तेज थी। किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते वाहन दुकान को तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कुछ पल के लिए पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया।
दर्दनाक चीखों ने रोक दी लोगों की सांसें, कार के नीचे दबे शिवम को निकालने के लिए जुटा पूरा गांव
हादसे के तुरंत बाद दुकान के अंदर से आ रही दर्दभरी चीखों ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि शिवम कार के नीचे दबे हुए हैं और गंभीर रूप से घायल हैं। दुकान का टूटा मलबा और वाहन का अगला हिस्सा उन्हें बाहर निकालने में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण, दुकानदार और राहगीर बिना समय गंवाए राहत कार्य में जुट गए। किसी ने मलबा हटाया, किसी ने वाहन को उठाने का प्रयास किया तो कोई घायल किशोर को हिम्मत बंधाता रहा। लगभग 20 मिनट तक चले संघर्षपूर्ण रेस्क्यू अभियान के बाद लोगों ने एकजुट होकर कार के नीचे दबे शिवम को सुरक्षित बाहर निकाला।
घायल शिवम को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एयरबैग ने बचाई कार सवारों की जान, नाबालिग चालक की चर्चा से मचा हड़कंप
स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्घटना के समय कार में चार युवक सवार थे। टक्कर के दौरान वाहन का एयरबैग खुल गया, जिससे कार में बैठे लोगों को गंभीर चोट नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि वाहन चला रहा लड़का नाबालिग प्रतीत हो रहा था, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई।
हादसे के बाद चालक और उसका एक साथी मौके से फरार हो गए, जबकि दो अन्य युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने दोनों युवकों को पुलिस के पहुंचने तक अपने कब्जे में रखा और बाद में पुलिस को सौंप दिया।
जेसीबी बुलाकर निकाली गई कार, पुलिस ने शुरू की गहन जांच
सूचना मिलते ही विंढमगंज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। दुकान के अंदर बुरी तरह फंसी कार को निकालने के लिए जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद वाहन को बाहर निकाला गया और पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर थाने भेज दिया।
पुलिस अब वाहन चालक की पहचान, दुर्घटना के वास्तविक कारण, वाहन की गति तथा नाबालिग द्वारा वाहन चलाए जाने की आशंका सहित सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लापरवाही की बड़ी कीमत: एक हादसा जिसने पूरे महुली को झकझोर दिया
महुली बस स्टैंड जैसे व्यस्त क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों और असावधानी के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय दुकान और बस स्टैंड के आसपास अधिक भीड़ होती तो यह हादसा कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति का कारण बन सकता था।
कार के नीचे दबे शिवम की चीखें, उसे बचाने के लिए ग्रामीणों का अथक संघर्ष, घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी और लोगों की आंखों में दिख रहा भय देर रात तक चर्चा का विषय बना रहा। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी चेतावनी है जो समाज को सड़क सुरक्षा, जिम्मेदार वाहन संचालन और नियमों के पालन का गंभीर संदेश दे रही है।











