रामप्रवेश गुप्ता

जलजीवन मिशन में अनदेखी का आरोप, प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने टोले तक पाइपलाइन बिछाने और पेयजल उपलब्ध कराने की उठाई मांग ।।
बीजपुर (सोनभद्र) नमामि गंगे योजना के अंतर्गत संचालित जलजीवन मिशन में कथित लापरवाही और अनदेखी को लेकर सोमवार को नेमना गांव के टाटीपाथर टोले में ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया तथा ‘नमामि गंगे मुर्दाबाद’ और ‘ग्राम प्रधान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके टोले को ‘हर घर नल-जल’ योजना से बाहर कर दिया गया, जिससे आज भी लोग दूषित जल पीने को मजबूर हैं।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों असर्फी लाल, रविचंद, मोहन प्यारे, महेंद्र, अरविंद, लोलेराम, बीरबल, बबलू, उषा देवी, बटुली, मीना, रेखा समेत दो दर्जन से अधिक लोगों का आरोप है कि रेणुकोट-बीजपुर मुख्य मार्ग से लगभग 500 मीटर दूर स्थित 20 घरों की हरिजन बस्ती को जलजीवन मिशन के लाभ से वंचित कर दिया गया है। उनका कहना है कि कार्यदायी संस्था जीपीबीआर प्राइवेट लिमिटेड की लापरवाही के कारण टोले का नाम ही योजना से हटा दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर राजनीतिक उपेक्षा और निजी स्वार्थों के चलते बस्ती के लोगों को योजना से वंचित किया गया। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद केवल आश्वासन मिला, लेकिन पाइपलाइन बिछाने का कार्य नहीं हुआ। परिणामस्वरूप, भीषण गर्मी में लोग दूरस्थ नालों में चुआड़ खोदकर दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि टोले के प्रत्येक घर तक पाइपलाइन पहुंचाकर शीघ्र पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
ग्रामीणों का यह भी दावा है कि केवल नेमना गांव ही नहीं, बल्कि मुड़घुसुरा, नाउंपाथर, टाटीपाथर समेत कई टोलों को भी योजना से बाहर रखा गया है। आरोप है कि इसके बावजूद ग्राम पंचायत से सम्पूर्ण गांव में जलापूर्ति का शपथ पत्र लेकर कार्य पूर्ण दिखाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। वहीं सिरसोती, बीजपुर, डोडहर, जरहा और अंजानी जैसे गांवों में अधूरी पाइपलाइन को लेकर भी विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या जलजीवन मिशन में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का यह विरोध आगे चलकर जनआंदोलन का रूप लेगा, या फिर ‘हर घर नल-जल’ का सपना कागजों तक सीमित रह जाएगा।
इस संबंध में जीपीबीआर कंपनी के प्रतिनिधि आशीष कुमार ने बताया कि नेमना गांव का पुनः सर्वे कराया जाएगा। यदि तकनीकी रूप से संभव हुआ तो तत्काल आवश्यक कार्य कराकर टोले को पाइपलाइन योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।










