
- स्थाई लोक अदालत के हस्तक्षेप पर बीमा कंपनी ने 11 लाख 50 हजार रूपये का चेक दिया
- राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित एडीआर भवन में संचालित स्थाई लोक अदालत में हुआ सुलह समझौता
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सोनभद्र। राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित एडीआर भवन में संचालित स्थाई लोक अदालत ने शुक्रवार को सुलह समझौता के आधार पर बीमा कंपनी से वादी टीचर्स कालोनी रॉबर्ट्सगंज निवासी फिरोज अहमद और उनके परिवार के सदस्यों को 11 लाख 50 हजार रूपये की धनराशि का चेक दिलवाया। करीब 6 माह बाद स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप पर यह सफलता मिली।
बता दें कि रॉबर्ट्सगंज टीचर्स कालोनी निवासी वादी फिरोज अहमद ने 11 नवंबर 2025 को स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी। वादी के बेटे ऐयाज अहमद की 15 दिसंबर 2024 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बाइक के बीमा की वैधता 19 नवंबर 2024 से 18 नवंबर 2025 तक थी। बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी को सभी कागजात उपलब्ध कराने पर बीमा की धनराशि 15 लाख रुपये की मांग की गई थी। बीमा कम्पनी ने पहले देने का आश्वाशन दिया, लेकिन बाद में देने से इनकार कर दिया। तब मजबूर होकर स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दाखिल कर न्याय की गुहार फिरोज अहमद पुत्रतौफीक अहमद, रुबीना खातून पत्नी फिरोज अहमद व सुहेल अहमद पुत्र फिरोज अहमद निवासीगण टीचर्स कालोनी रॉबर्ट्सगंज, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र ने लगाई थी। स्थायी लोक अदालत के हस्तक्षेप के बाद बीमा कंपनी की तरफ से सुलह समझौता के आधार पर मामले का निस्तारण करते हुए वादी फिरोज अहमद व रुबीना खातून को 4-4 लाख रुपये व सुहेल अहमद को साढ़े तीन लाख रुपये का चेक स्थाई लोक अदालत अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद द्वारा दिया गया। इस प्रकार से कुल 11 लाख 50 हजार रुपये का चेक दिया गया।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष नरेंद्र बहादुर प्रसाद ने बताया कि स्थस्यी लोक अदालत में जनहित सेवाओं से संबंधित मामले जैसे बिजली, पानी, अस्पताल, परिवहन, बीमा, शिक्षा, डाक, नगर पालिका आदि के मुकदमें बगैर किसी कोर्ट फीस के देखे जाते हैं।
इस अवसर पर स्थाई लोक अदालत के सदस्य नीरज सिंह, आशीष मिश्रा, अधिवक्ता दशरथ सिंह, आलोक वर्मा, जमुना आदि लोग मौजूद रहे।









