रामप्रवेश गुप्ता

(सोनभद्र)म्योरपुर ब्लाक में जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत मजदूरों ने जीवीपीआर इंजीनियरिंग कंपनी पर शोषण का गम्भीर आरोप लगाते हुए आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।मजदूरों का आरोप है कि कंपनी श्रम कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है और उनका आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।अपनी मांगों को लेकर मजदूरों ने 26 मार्च से अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन की घोषणा की है।मजदूरों द्वारा जारी पोस्टर और लिखित शिकायत के अनुसार उनसे प्रतिदिन 12 घंटे काम लिया जा रहा है जबकि नियमानुसार कार्य की अवधि 8 घंटे होनी चाहिए इसके अलावा साप्ताहिक अवकाश न देना और न्यूनतम वेतन के दायरे से बाहर भुगतान करना मजदूरों की मुख्य नाराजगी का कारण है। मजदूरो की मुख्य मांगो में सभी कर्मचारियों को 01 अप्रैल से पहले आधिकारिक नियुक्ति पत्र दिया जाए।कार्य और योग्यता के अनुसार श्रम नीति के तहत मूल वेतन निर्धारित हो।प्रतिवर्ष ग्रेच्युटी की गारंटी तय की जाए।परमानेंट वर्कर की तरह छुट्टियां और अन्य सुविधाएं अनिवार्य हों 08 घंटे प्रतिदिन और महीने में अधिकतम 26 दिन कार्य का नियम लागू हो।कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरण और मेडिकल सुविधाओं की गारंटी 08 घंटे से अधिक कार्य करने पर डबल ओवर टाइम का भुगतान।सभी कर्मचारियों का भविष्य निधि काटना अनिवार्य किया जाए।सरकार की श्रम नीति का पूर्णतः पालन सुनिश्चित हो।मजदूरों का कहना है कि वे किसी से भीख नहीं बल्कि अपना हक मांग रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 26 मार्च से शुरू होने वाला यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।इस मामले में मजदूरों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को भी पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।










