रामप्रवेश गुप्ता

बीजपुर (सोनभद्र)। एनटीपीसी रिहंद परियोजना में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एफजीडी फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन वर्क साइट पर कार्यरत सैकड़ों श्रमिकों ने अचानक काम बंद कर धरना शुरू कर दिया। श्रमिकों का आरोप था कि कार्यदायी कंपनियां उनसे जबरन 12 घंटे काम ले रही हैं, जबकि भुगतान केवल 8 घंटे का ही किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हर बुधवार की तरह श्रमिको को टूल बॉक्स टॉपिक ट्रेनिंग दी जा रही थी। ट्रेनिंग खत्म होते ही बड़ी संख्या में श्रमिक एकजुट हो गए और अपनी मांगों को लेकर वहीं कार्यस्थल पर बैठ गए।देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों मजदूरों का जमावड़ा लग गया। सूचना मिलते ही सुरक्षा की दृष्टि से सीआईएसएफ के जवान भी मौके पर पहुँच गए।प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए कहा कि उनसे निर्धारित समय से अधिक काम लिया जा रहा है।अतिरिक्त 4 घंटे काम कराने के बावजूद उन्हें ओवरटाइम का लाभ नहीं मिल रहा है।
कार्यदायी कंपनियों द्वारा श्रमिकों का मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है।मामले की गंभीरता को देखते हुए एफजीडी का कार्य देख रही कंपनी मित्सुबिशी पावर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे।कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल गुप्ता ने श्रमिकों से वार्ता की और उनकी मांगों को जायज ठहराते हुए तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।राहुल गुप्ता ने श्रमिको से कहा कि आज से सभी श्रमिक केवल 8 घंटे ही कार्य करेंगे। यदि किसी भी परिस्थिति में श्रमिक से अतिरिक्त समय तक काम लिया जाता है तो उसे नियमानुसार डबल ओटी का भुगतान किया जाएगा।
कंपनी के इस ठोस आश्वासन के बाद श्रमिक संतुष्ट नजर आए और वापस अपने काम पर लौट गए। इस निर्णय से श्रमिकों में हर्ष का माहौल है।मित्सुबिशी पावर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल गुप्ता ने बताया कि श्रमिको की उचित मांगों को स्वीकार किया गया है सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सबको भुगतान किया जाएगा।










