सन्तोष नागर

सोनभद्र खनन हादसे पर कांग्रेस नेता व अधिवक्ता धीरज पांडेय ने प्रेस को जारी बयान में तीखी प्रक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ हादसा नही बल्कि मुख्यमंत्री के सुरक्षा से जुड़ा हुआ भी गम्भीर मसला है मुख्यमंत्री के कार्यक्रम कुछ ही दूरी पर विस्फ़ोट हो रहे इतने विस्फोटक खनन माफियाओ के पास आ कहा से रहे हैं, क्या कही सोनभद्र जिला प्रसासन दिल्ली ब्लॉस्ट जैसी भयावह घटना के होने इंतज़ार तो नही कर रहा है क्यों कि अवैध खनन के लिए इतने विस्फोटक खनन माफियाओं को मुहैया कैसे हो जा रही है कही उनका दुरुपयोग अन्य जगह ना किया जाए इसलिए सुरक्षा से भी जुड़ा सवाल है सोचने की बात है कि खनन माफियाओ और प्रसासन को इतनी भी पैसे की क्या भूख की मुख्यमंत्री के उपस्थिति में भी विस्फोटों से पहाड़ को झील में तब्दील कर दिया जा रहा आज फिर खनन क्षेत्र में भारी विस्फोटों ने कईयों की जिंदगियां लील ली, कई घरों के चिराग बुझ गए जबकि खनन मंत्रालय स्वम् मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है और वो खुद सोनभद् के चोपन में मौजूद थे लेकिन मुख्यमंत्री के आने से लेकर जाने तक खदानों का संचालन बंद करने का मौखिक प्रसासनिक आदेश के बावजूद ओबरा बिल्ली स्थित कृष्णा माईनिंग अवैध खदान में खनन क्यों और किन लोगों के सह पर हो रहा था, आखिरकार फिर एक बार फिर विस्फ़ोट से खदान भसकने के करण ही हुआ बड़ा हादसा जिसमे दर्जनों मजदूरों के दबने से दुःखद मृत्यु की सूचना आ रही है वर्षो से खनन माफिया बिना मानक नियम कानून के खुलेआम उड़ा रहे नियम कानून की धज्जियां जबकि खनन का प्रभार मुख्यमंत्री जी के पास है जिम्मेदार कौन हमारी अपील योगी आदित्यनाथ जी से है कि उन्हें एक दौरा सोनभद्र खनन क्षेत्रो को दौरा जरूर करना चाहिए वो भी बिना किसी प्रसासनिक सूचना के तब उन्हें हकीकत खुद पता लग जायेगा कि खदानों में मानक के विपरीत हो रहे विस्फोट जिससे दरक रहे हैं पहाड़ और लगातार गरीब मजदूरों की मौत जारी है उनकी और उनके परिवार का सुध लेने वाला कोई नही।
धीरज पांडेय ने कहा कि वर्षो से क्षमता से कही अधिक खदानों में हो रहा है विस्फोट जिससे खनन क्षेत्र की स्थिति बहुत भयावह है जिला प्रशासन व खनन विभाग की कार्यशैली संदिग्ध है जांच के नाम पर कुछ टाइम की फॉर्मेलिटी की जाती है जबकि जिस क्षेत्र में खनन कार्य हो रहा था वह क्षेत्र लीज सीमा से बाहर थी फिर भी धड़ल्ले हो किसके आदेश पर हो रहा विस्फोट खदानों में बिना सेफ्टी के लगातार कार्य जारी है खदान मालिको द्वारा खदानों में कार्य करने वाले मजदूरों का कोई रिकॉर्ड नहीं होता है, जिससे की यह पता चल सके की खदान में कार्य करने वाले मजदूर कहां के थे, क्या उन सभी मजदूरों का बीमा था या नहीं ये जांच का विषय है सोनभद्र कांग्रेस माननीय मुख्यमंत्री जी से मांग करती है की लाशों की गिनती कत्तई न दबाई जाए मृतकों के परिजनों को दबाव में लेने कार्य न करे जिला प्रसासन साथ ही साथ मृतकों के परिजनों को पचास लाख मुवावजा व घायलों की उचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए
आगे श्री पांडेय ने कहा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन हो रहा था यह तय है जिसकी पूर्व जानकारी भी यहां के जिलाधिकारी, खनन मंत्रालय, खान विभाग के पास था तो वो क्यों सो रहे थे, जबतक लगभग 24 घंटे होने को है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी या किसी के ऊपर एफआईआर तक नहीं करी कराई गई है, क्या मुख्यमंत्री इस ( गैर इरादतन हत्या ) खनन हादसे की स्वम जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि खनन मंत्रालय स्वयं योगी जी के पास सुरक्षित है इस दुःखद घटना से हुई मौतों का जिम्मेदार आखिरकार किसे माना जाए//









