रामप्रवेश गुप्ता

4 साल में 80 लाख टन राख से बनी सड़कें, 2.5 करोड़ ईंटों का उत्पादन
बीजपुर(सोनभद्र) एनटीपीसी रिहंद ने पर्यावरण संरक्षण और विकास में अहम योगदान दिया है। स्टेशन ने पिछले चार वर्षों में सड़क निर्माण में राख का कुशल उपयोग किया है।
रिहंद स्टेशन ने उत्तर प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए 80 लाख मीट्रिक टन राख की आपूर्ति की है। इसमें वाराणसी रिंग रोड, भदोही में 4 लेन NH731B, प्रयागराज इनर रिंग रोड शामिल हैं। रीवा रांची रोड, NH98 गढ़वा हरिहरगंज रोड और वाड्रफनगर बायपास रोड भी इसमें शामिल हैं।
एनटीपीसी रिहंद ISI मानक वाली फ्लाई ऐश ईंटें बनाने वाला भारत का पहला पावर स्टेशन है। पिछले चार वर्षों में यहां 2.5 करोड़ ईंटों का उत्पादन हुआ है। स्टेशन ने सीमेंट कंपनियों तक राख पहुंचाने के लिए BTAP वैगन का उपयोग शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट में 67 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। अब तक 5.3 लाख मीट्रिक टन राख को BTAP ट्रेन से सीमेंट इकाइयों तक पहुंचाया गया है।
रिहंद एनटीपीसी का दूसरा स्टेशन है जो 80�फाइन फ्लाई ऐश से NACA आधारित पेवर ब्लॉक बना रहा है। यह पहल निर्माण उद्योग में राख के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। स्टेशन की ये गतिविधियां न केवल बुनियादी ढांचे के विकास में मदद कर रही हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही हैं।










