संतोष नागर

सोनभद्र। जनपद में भाजपा कार्यसमिति की बनी नई कमेटी में एक ओर जहां लगभग सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व को शामिल किया गया है वहीं, दूसरी ओर भाजपा की सरकार बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विशेष वर्ग को पूरी तरह उपेक्षित कर दिया गया है। मालूम हो कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की संस्तुति के उपरांत बीते इक्कीस मार्च को काशी क्षेत्र के जनपद सोनभद्र की भाजपा जिला कार्य समिति की विधिवत घोषणा कर दी गई है। जिसमें अध्यक्ष के अलावा अट्ठाईस पदाधिकारियों की टीम बनाई गई है।इस टीम में एक ओर जहां कुछ नए चेहरों को शामिल किया गया है तो वहीं, लगातार पिछले दो बार से रहे निषाद समुदाय के पदाधिकारी को इस बार की टीम में शामिल नहीं किया गया है। जिसके कारण निषाद समुदाय के लोगों में असंतोष व्याप्त हुआ है।इस संदर्भ में निषाद समुदाय के लोगों में जैसे मन्ना लाल निषाद,जोखन बिंद, जमुना प्रसाद निषाद बिंद,राजू,संजय निषाद, राजेन्द्र प्रसाद निषाद, बिजली प्रसाद निषाद, कन्हैया साहनी आदि ने कहा कि जनपद सोनभद्र के निषाद समुदाय की उपेक्षा करना भाजपा को भविष्य में राजनीतिक तौर पर महंगा पड़ सकता है। प्रतिक्रिया व्यक्त करने वालों ने कहा कि चाहे केंद्र सरकार हो या प्रदेश सरकार इनको सत्ता तक पहुंचाने में निषाद समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके बावजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष द्वारा सोनभद्र में बनी नई भाजपा कार्यसमिति में निषाद समाज को प्रतिनिधित्व न देकर निषाद समुदाय के महत्व पूर्ण भूमिका को अनदेखी करते हुए उपेक्षित किया गया है।जिसका दूरगामी परिणाम भाजपा के हित में नहीं होगा।










